90 का दशक भारतीय टेलीविजन के इतिहास का वह सुनहरा दौर था, जिसने हमें न केवल मनोरंजन दिया, बल्कि समाज को देखने का एक नया नजरिया भी पेश किया। उस समय के कुछ चुनिंदा धारावाहिक ऐसे थे, जिन्होंने पारंपरिक कहानियों की लीक से हटकर कुछ ऐसा पेश किया जिसने युवाओं की धड़कनों को छू लिया। आज के दौर में जब हम ओटीटी पर बोल्ड कंटेंट की भरमार देखते हैं तो यकीन करना मुश्किल होता है कि दशकों पहले भी एक ऐसा शो आया था जिसने समाज की रूढ़ियों को चुनौती दी थी। यह शो आज भी उन लोगों के लिए एक खूबसूरत याद है जो उस दौर में अपने कॉलेज के दिनों में थे।
कॉलेज लाइफ और करियर के बीच का अनूठा सफर
जी टीवी का ऐतिहासिक शो 'बनेगी अपनी बात' 1994 से 1998 तक प्रसारित हुआ, अपने समय से कहीं आगे की सोच रखने वाला धारावाहिक था। टोनी सिंह और दीया सिंह द्वारा निर्मित इस सीरीज की सबसे बड़ी खूबी इसकी कहानी थी। यह शो केवल किलावाड़ियों या पारिवारिक ड्रामे तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें कॉलेज के छात्रों के जीवन, उनकी मस्ती और फिर छात्र जीवन से पेशेवर दुनिया में कदम रखने के संघर्ष को बेहद बारीकी से दिखाया गया था। यही कारण था कि उस समय के युवाओं और कॉलेज जाने वाले छात्रों के बीच यह शो जबरदस्त तरीके से लोकप्रिय हुआ और लोग खुद को इसके किरदारों से जोड़कर देखते थे।
जब पर्दे पर दिखीं बेबाक कहानियां
'बनेगी अपनी बात' को आज भी इसकी निडरता के लिए याद किया जाता है। उस दौर में जब टेलीविजन पर कई विषयों को वर्जित माना जाता था, इस शो ने कैंपस लाइफ, रैगिंग, रोमांस और दिल टूटने जैसे विषयों को खुलकर पर्दे पर उतारा। इतना ही नहीं यह शो उस समय के हिसाब से काफी साहसी था क्योंकि इसमें शादी से पहले शारीरिक संबंध, टीनेज इशू, हारमोनल चेंजेस जैसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दों पर भी बिना किसी हिचकिचाहट के बात की गई थी। उस समय के दर्शकों के लिए पर्दे पर किस सीन या रोमांस की ऐसी बेबाकी देखना एक नया अनुभव था। यह कहना गलत नहीं होगा कि 90 के दशक का समाज और निर्माता आज की तुलना में कहीं अधिक खुले विचारों वाले थे।
दिग्गज सितारों की नर्सरी बना यह शो
इस कल्ट शो ने भारतीय फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री को कई अनमोल रत्न दिए हैं। क्या आप जानते हैं कि आर माधवन और दिवंगत अभिनेता इरफान खान जैसे दिग्गजों ने इस शो में अहम भूमिकाएं निभाई थीं? माधवन ने इसी सीरीज से अपना टेलीविजन डेब्यू किया था। उन्होंने एशले नाम के एक गोअन लड़के का किरदार निभाया था, जिसे फिरदौस दादी के किरदार रिया से प्यार हो जाता है। वहीं इरफान खान ने कुमार नामक एक ऐसे पिता की भूमिका निभाई थी जो शुरुआत में काफी कठोर और हिंसक होता है, लेकिन बाद में अपने बेटों की देखभाल करता है। इसके अलावा इस सो में सुरेखा सीकरी, ऋतुराज, शेफाली शाह, मानव कॉल, कल्पना अय्यर, वरुण बडोला, संध्या मृदुल, संदिया सिद्दकी जैसे दिग्गज एक्टर नजर आए थे।
माधवन का ऑडिशन भल गए थे मेकर्स
निर्माता दीया सिंह ने एक बार याद करते हुए बताया था कि वे माधवन के ऑडिशन को लगभग भूल ही गए थे क्योंकि शूटिंग बहुत व्यस्त चल रही थी, लेकिन जब अंत में उनका ऑडिशन लिया गया तो हर कोई उनका मुरीद हो गया। इनके अलावा सादिया सिद्दीकी, अचिंत कौर, वरुण बडोला और राखी टंडन जैसे कलाकारों के करियर को भी इस शो से बड़ी पहचान मिली।
आज के दौर में प्रासंगिकता और कहां देखें?
यह शो आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना 90 के दशक में था। किशोर मन की जटिलताओं और युवाओं के मुद्दों को जिस संवेदनशीलता के साथ इसमें पिरोया गया था, वह आज के माता-पिता और बच्चों के बीच के संवाद के लिए एक मिसाल हो सकता है। यदि आपने अब तक इस मास्टरपीस को नहीं देखा है या अपनी यादें ताजा करना चाहते हैं तो अच्छी खबर यह है कि 'बनेगी अपनी बात' अब ओटीटी प्लेटफॉर्म Zee5 पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है। इस वीकेंड आप अपने परिवार के साथ बैठकर इस पुराने लेकिन आधुनिक शो का आनंद उठा सकते हैं।